fbpx

NSE क्या है? NSE और BSE में क्या अंतर है?

आज के इस आर्हटिकल में हम जानेंगे National Stock Exchange के बारे में। NSE क्या है? NSE और BSE में क्या अंतर है? NSE Full Form in Hindi. हम आपको बताएँगे भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार National Stock Exchange के बारे में।

NSE और BSE भारत के स्टॉक एक्सचेंज हैं, और भारत में सभी रजिस्टर्ड कंपनियां इन दोनों पर मौजूद हैं। Stock Exchange (NSE/BSE) एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म है जहां Stock, Derivative, Bond, ETF, Etc. जैसे कई प्रकार के फाइनेंसियल साधन लिस्टेड हैं।

NSE भारत का सबसे बड़ा Stock Market है, इसकी स्थापना भारतीय शेयर बाजार में transparency लाने के उद्देश्य से किया गया था। NSE के आ जाने के बाद ही शेयरों की लेन-देन कंप्यूटराइज्ड तरीके से होने लगी है, और सारा पेपर वर्क को समाप्त कर दिया गया। शेयर बाजार के कंप्यूटराइज्ड हो जाने से निवेशकों के हितों की रक्षा हो सकी है, और शेयर बाजार में होने वाले Scam और Fraud पर रोक लगायी गयी।

ये बहुत जरूरी है, कि एक Investor को शेयरों के लेन-देन के बारे में जितनी जानकारी होनी चाहिए, उतनी ही जानकारी NSE के बारे में भी होनी चाहिए। और इसलिए आज हम इस आर्टिकल में आपको NSE के बारे में पूरी सम्पूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे है, बस आप इस आर्टिकल को पूरा आखिर तक ध्यान से जरूर पढ़े।

NSE क्या है? (What is NSE in Hindi)

NSE भारत का सबसे बड़ा Stock Exchange है। इसमें Stock, Derivative, Bond, ETF, Etc. जैसे अनेक प्रकार की फाइनेंसियल सिक्योरिटीज लिस्टेड हैं। यह भारत का पहला इलेक्ट्रॉनिक स्टॉक ट्रेडिंग प्रदान करवाने वाला स्टॉक एक्सचेंज है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की तरह ही, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भी मुंबई में स्थित है। NSE एक प्रौद्योगिकी में अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज के रूप में प्रमुख है। 1600 से अधिक कंपनियों को सूचीबद्ध करके, NSE भारतीय आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विश्व में 11वें स्थान पर है, जो भारत की आर्थिक पूंजी में महत्वपूर्ण योगदान करता है।

NSE का मानक सूची (बेंचमार्क इंडेक्स) निफ्टी है, जिसमें NSE में पंजीकृत शीर्ष 50 कंपनियों को शामिल किया जाता है। NSE का प्रदर्शन निफ्टी सूची के प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित किया जाता है।

BSE क्या है? (What is BSE in Hindi)

1875 में स्थापित किया गया, जब भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त नहीं की थी, यह एकमात्र भारतीय स्टॉक एक्सचेंज था और इसे नेटिव शेयर और स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन के रूप में स्थापित किया गया था।

इस एक्सचेंज का नाम बाद में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के रूप में बदल दिया गया। BSE का परिचालन गति 6 माइक्रोसेकंड है, जिससे यह सबसे तेज स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है। यह व्यापारीगण को विभिन्न वित्तीय क्षेत्रों, जैसे कि इक्विटी, करेंसी, डेब्ट इंस्ट्रूमेंट, म्यूचुअल फंड्स, और डेरिवेटिव्स, में व्यापार करने की सुविधा प्रदान करता है।

यह एक्सचेंज विभिन्न कंपनियों को अपने मूल सूचीकरण सूची “सेंसेक्स” के आधार पर सूचीबद्ध करता है। सेंसेक्स में 30 कंपनियां शामिल हैं जो निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और शेयर बाजार में सक्रिय रूप से व्यापार कर रही हैं। वर्तमान में, BSE पर लगभग 5,000 कंपनियां सूचीबद्ध हैं, जिनमें BSE SME प्लेटफ़ॉर्म पर सूचीबद्ध लगभग 250 छोटी और मध्यम उद्यम हैं।

कई महत्वपूर्ण कारक BSE और NSE को अलग करते हैं, और BSE पर सूचीबद्ध होने के लिए, कंपनी को निवेशकों और व्यापारीगण के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी व्यापार सुनिश्चित करने के लिए एक्सचेंज द्वारा निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा करना होता है।

NSE का पूरा नाम क्या है? (Full Form of NSE in Hindi)

NSE का फुल फॉर्म यानी इसका पूरा नाम National Stock Exchange है, और हिंदी में इसका पूरा नाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड है।

  • National Stock Exchange

BSE का पूरा नाम क्या है? (Full Form of BSE in Hindi)

BSE का फुल फॉर्म यानी इसका पूरा नाम Bombay Stock Exchange है, और हिंदी में इसका पूरा नाम बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड है।

  • Bombay Stock Exchange

National Stock Exchange (NSE) की विशेष जानकारी

Main PointsNSEBSE
Full FormNational Stock ExchangeBombay Stock Exchange
LocationMumbai, MaharashtraMumbai, Maharashtra
EstablishmentIn 1992In 1875
Benchmark IndexNiftySensex
ChairmanGirish Chandra ChaturvediS S Mundra
Market ValuationUS$3.27 Trillion (January 2023)US$3.8 Trillion (July 2023)
CurrencyIndian Rupees (INR)Indian Rupees (INR)

 

 

 

 

National Stock Exchange (NSE) का इतिहास

1992 में हर्षद मेहता के स्कैम के बाद, भारत सरकार ने निवेशकों के हितों की सुरक्षा करने और शेयर बाजार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) की स्थापना की। उस समय, BSE ही एकमात्र स्टॉक एक्सचेंज था।

सेबी ने शेयर मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लाने का प्रयास किया, लेकिन BSE के निवेशकों को यह नहीं पसंद आया, जिसके बाद 1992 में ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की स्थापना की गई।

NSE भारत का सबसे बड़ा और तकनीकी रूप से विकसित स्टॉक एक्सचेंज है। NSE की स्थापना के बाद ही स्टॉक मार्केट में कागजी कार्रवाई के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक व्यापार की शुरुवात हुई, और स्टॉक मार्केट में अधिक पारदर्शिता पैदा हुई।

1992 स्कैम के बाद जब निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार से उठ गया था, तो NSE ने इलेक्ट्रॉनिक व्यापार की सुविधा प्रदान करके निवेशकों का विश्वास जीता, जिससे भारत में निवेशकों की संख्या बढ़ने लगी। भारतीय पूंजीकरण में NSE का महत्वपूर्ण योगदान है।

Bombay Stock Exchange (BSE) का इतिहास

बीएसई (BSE) – बीएसई का इतिहास 1850 के दशक में पांच स्टॉक ब्रोकरों के साथ शुरू हुआ। ये स्टॉक ब्रोकर की बैठक एक बरगद के पेड़ के नीचे आयोजित की जाती थीं। समय के साथ, ब्रोकरों की संख्या में वृद्धि हुई, और वे आवश्यकताओं के अनुसार बैठकों में जाते रहे।

दो दशकों से अधिक समय के बाद, 1874 में, इन छोटे से संघ ने दलाल स्ट्रीट, मुंबई में स्थानांतरित हो जाने का निर्णय लिया। अगले साल, उन्होंने एक आधिकारिक संगठन बनाया – “द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन” के नाम से।

स्वतंत्र भारत सरकार ने 1956 में प्रतिभूति संविदा विनियमन अधिनियम (Securities Contracts Regulation Act in 1956) के तहत बीएसई को मान्यता दी। इस मान्यता ने इसे स्वतंत्र भारत का पहला स्टॉक एक्सचेंज बना दिया। 1986 में, बीएसई- सेंसेक्स का पहला बाजार सूचकांक बनाया गया था। इस सूचकांक को विकसित करने का उद्देश्य स्टॉक एक्सचेंज के पूरे प्रशासन को मापना था।

इन छोटे कदमों से बीएसई द्वारा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का विस्तार हुआ। 1995 तक, बीएसई फ्लोर ट्रेडिंग का संचालन करता था या पेपर-आधारित ट्रेडिंग सिस्टम का पालन करता था। उसके बाद, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम के लिए शुरू हुआ, और इस ट्रांजीशन को केवल पचास दिनों में लागू किया गया।

NSE और BSE में क्या अंतर है?

BSE और NSE दोनों ही भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं जो SEBI के नियमों के अंतर्गत काम करते हैं, और इनका मुख्यालय दोनों में स्थित है, लेकिन इन दोनों में कुछ मुख्य अंतर हैं। निम्नलिखित सारणी में हमने NSE और BSE के बीच के मुख्य अंतरों को बताया है:

NSEBSE
NSE का पूरा नाम National Stock Exchange (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) है।BSE का पूरा नाम Bombay Stock Exchange (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) है।
एनएसई की स्थापना 1992 में हुई थी।बीएसई की स्थापना 1875 में हुई थी।
NSE भारत का दूसरा स्टॉक एक्सचेंज है।BSE भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है।
एनएसई का इंडेक्स Nifty है, जिसमें शीर्ष 50 कंपनियों को लिस्ट किया गया है।बीएसई का इंडेक्स Sensex है, जिसमें 30 शीर्ष कंपनियों को लिस्ट किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम को सबसे पहले NSE ने 1992 में शुरू किया था।BSE ने 1995 में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम की शुरुवात की।
एनएसई को 1993 में स्टॉक एक्सचेंज के रूप में पहचान मिली।बीएसई को 1957 में स्टॉक एक्सचेंज के रूप में पहचान मिली।
NSE की ग्लोबल रैंक 11 है।BSE की ग्लोबल रैंक 10 है।
एनएसई में 1600 से भी अधिक कंपनियां लिस्टेड हैं।बीएसई में 5500 से भी अधिक कंपनियां लिस्टेड हैं।

इस तरह, NSE और BSE दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनमें थोड़ा महत्वपूर्ण अंतर है जो विभिन्न प्रकार के निवेशकों के लिए विचारनीय हो सकता है।

NSE और BSE से सम्बंधित सामान्य प्रश्न (FAQ’s)

एनएसई (NSE) क्या है?

एनएसई एक भारतीय स्टॉक एक्सचेंज है जहां पर शेयर, बॉन्ड, डिबेंचर, सिक्यूरिटीज़ आदि की लेन-देन की जाती है। एनएसई भारत का पहला इलेक्ट्रॉनिक व्यापारिक सिस्टम प्रदान करने वाला स्टॉक एक्सचेंज था।

बीएसई (BSE) क्या है?

बीएसई भी एक भारतीय स्टॉक एक्सचेंज है जहां पर शेयर, बॉन्ड, डिबेंचर, सिक्यूरिटीज़ आदि की लेन-देन की जाती है। बीएसई एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है।

एनएसई और बीएसई का पूरा नाम क्या है?
एनएसई का पूरा नाम “नेशनल स्टॉक एक्सचेंज” और बीएसई का पूरा नाम “बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज” है।

एनएसई और बीएसई की स्थापना कब हुई थी?
एनएसई की स्थापना 1992 में और बीएसई की स्थापना 1875 हुई थी।

एनएसई और बीएसई का मुख्यालय कहां है?
एनएसई और बीएसई का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है।

एनएसई का सूचकांक क्या है?
एनएसई का सूचकांक जिसे “निफ्टी” कहा जाता है, में एनएसई में रजिस्टर्ड शीर्ष 50 कंपनियों को शामिल किया जाता है।

बीएसई का सूचकांक क्या है?
बीएसई का सूचकांक “सेंसेक्स” है, इसमें रजिस्टर्ड शीर्ष 30 कंपनियों को शामिल किया जाता है।

क्या मैं सीधे एनएसई और बीएसई में निवेश कर सकता हूँ?
सिर्फ एनएसई और बीएसई ही नहीं, बल्कि कोई भी निवेशक सीधे तौर पर किसी भी स्टॉक एक्सचेंज में निवेश नहीं कर सकता है। Stock Exchange में निवेशकों को निवेश करने के लिए Stock Broker की सहायता लेनी पड़ती है।

Read More
Free Blog Kaise Banaye (Updated)
NSE Kya Hai? Differece Between NSE & BSE in Hindi
Jio Company Me Ghar Baithe Job Kare | Work from Home in Jio Company
Ghar Baithe Online Paise Kaise Kamaye | 7 Best Asaan Tarike
SEO Kya Hai? Search Engine Optimization ki Poori Jankari

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top